जीवन सिर्फ झरने से गिरता पानी नहीं है,
ऊपर से नीचे बहती एक कहानी नहीं है।
इसमें तो भाप बन उड़ने का साहस भी है,
चाँद सूरज से लुक छिप का बादल भी है।
देर या सबेर बरस जाने की बेकली है,
वर्षा की बूंदों सा लुट जाने के मौसम है।
एक चक्कर सा जैसे कोई चल रहा है,
सच झूठ पता नहीं,जीवन बस चल रहा है।
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